मंगलवार, 16 सितंबर 2008

सवा लाख का इनामी वकीला ढेर

आपराधिक वारदातों से मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश पुलिस की नींद उड़ाने वाले दस्यु सरगना वकीला उर्फ वकीला सिंह गुर्जर को मुरैना पुलिस ने थाना देवगढ़ के बीहड़ में ठिकाने लगा दिया। डकैत सरगना के पास से एक इंग्लिश पिस्टल, 315 बेर रायफल और अन्य सामान मिला है। वकीला के चार साथी भाग निकले।

सोमवार, 15 सितंबर 2008

जमीन बेचकर फिरौती

डेढ़ महीने पहले आगरा के जौहरी बाजार से अपह्रत किए गए सुदीप राजेंद्र गुर्जर गैंग से मुक्त हो गया है। उसे मुक्त कराने के लिए घर वालों को पूरे छह लाख रुपये की फिरौती गैंग को सौंपनी पड़ी। यह रकम घर वालों ने जमीन बेचकर इकट्ठी की। यह डील ग्वालियर के पास तिघरा झाला क्षेत्र के बीहड़ में हुई। फिरौती की रकम मिलने की खुशी में गिरोह ने गोलियां दागी जिसकी खबर गांव वालों ने पुलिस को दे दी। पुलिस पहुंचती इससे पहले ही गैंग जा चुका था लेकिन रास्ते में पुलिस को वैन मिली जिसमें सुदीप और उसके परिजन बैठे थे।

बुधवार, 10 सितंबर 2008

ढीमर गैंग का सदस्य गिरफ्तार

ग्वालियर देहात के गिजोर्रा थाना पुलिस ने एक शॉर्ट एनकाउंटर में डकैत लक्ष्मण ढीमर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। एक माह पूर्व थरेट से अपहरण किए गए युवक को भी मुक्त कराया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात अनिल सिंह कुशवाहा ने बताया कि लक्ष्मण गैंग के सदस्य शोभाराम पुत्र हरिगोविंद कुशवाहा निवासी जमहार थाना पुरानी छावनी है। दूसरा व्यक्ति तरु पुत्र रामचरण कुशवाहा था जिसका एक माह पहले अपहरण हो गया था।

मंगलवार, 9 सितंबर 2008

चंबल में डूब कर 14 की मौत

चंबल इन दिनों उफान पर है और उफान पर थी लोगों की भक्ति। इस भक्ति के लिए करौली राजस्थान के मंडरायल से कुछ लोग मध्यप्रदेश के अटार घाट से गौरिया बाब की जात को नाव पर सवार होकर जा रहे थे। मध्यप्रदेश की सीमा में आ रही नाव नदी के तेज बहाव से लड़खड़ा गई। नाव में सवार लोगों में से 14 अपनी जान बचाने के लिए नदी में कूद गए। इनमें से कुछ बच्चे भी शामिल थे। इन सभी की मौत हो गई। हालांकि नाविक ने बाद में साहस कर नाव को संभाल लिया और वह किनारे तक ले आया। मरने वालों में से सात-सात एक ही परिवार के थे।

शुक्रवार, 5 सितंबर 2008

अंतराल के बाद

लंबे अंतराल के बाद लिखना संभव हो पा रहा है। कारण रहा बेटी की बीमारी। साढ़े तीन साल की बच्ची एक माह तक हॉस्पीटल में भरती रही। इस बीच उसके दो आपरेशन हुए। वह आव्सर्टेक्शन के बाद सेप्टिसीमिया से पीड़ित हो गई थी। इसी बीच पुलिस मुठभेड़ में अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया को मार गिराया गया। आगरा के पास कमल गुर्जर का भी सफाया कर दिया गया। यह दोनो घटनाएं हुईं। इसके संबंध में मैं फिर कभी विस्तार से लिखूंगा।