सोमवार, 5 मार्च 2012

अस्सी हजार का इनामी राजेंद्र गुर्जर मारा गया




राजस्थान के धौलपुर जिला में बाड़ी क्षेत्र के थाना डांग बसई के बीहड़ में हुई मुठभेड़ में राजस्थान पुलिस ने 84 हजार का इनामी डकैत राजेन्द्र गुर्जर और उसका साथी रामअख्तर मार गिराने में कामयाबी हासिल की है। अंधेरे का लाभ उठाकर अन्य बदमाश भाग निकले। मुठभेड़ में गोली लगने से एक दरोगा भी घायल हुआ है। राजेंद्र सिंह पर उत्तरप्रदेश में 50, मध्यप्रदेश में 30 और राजस्थान में चार हजार का इनाम घोषित था। वह उत्तरप्रदेश में अधिक सक्रिय था और आगरा में उसके कई कैरियर काम करते थे।
थाना डांग बसई क्षेत्र के गांव नगर कोटरा के रविवार की रात राजेन्द्र डकैत गिरोह के ठहरे होने की पुलिस को जानकारी मिली। एसपी राहुल प्रकाश ने इस सूचना पर जंगल की घेराबंदी रात्रि को ही करा ली। पुलिस टीम की भनक लगते ही डकैतों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस फायरिंग में दोनों डकैत मौके पर ही ढेर हो गये। इस मुठभेड़ में हाथ में गोली लगने से एएसआई रामवीर भी घायल हो गये। उनको स्वास्थ्य केन्द्र धौलपुर में भर्ती कराया गया है।
कुख्यात अपराधी राजेन्द्र पर धौलुपर जिले के कई थानों में पुलिस से मुठभेड़, हत्या के प्रयास, अपहरण जैसे एक दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं। राजस्थान के अलावा यूपी, एमपी में हत्या के प्रयास, अपहरण जैसे तीन दर्जन से भी अधिक मामले दर्ज हैं। पिछले एक दशक से राजेन्द्र का यूपी, एमपी से अपहरण कर लाना और डांग बसई थाना क्षेत्र के जंगलो में रहकर बड़ी रकम लेकर फिरौती करना एकमात्र व्यवसाय बन चुका था। यूपी, एमपी पुलिस की ओर से इस पर आठ हजार रुपये का इनाम घोषित था। तीनों प्रदेशों की पुलिस को लम्बे समय से इसकी तलाश थी, लेकिन पुलिस को चकमा देकर भागने में इसे महारथ हासिल था। मुठभेड़ में मारे गये दोनों दस्युओं के शवों का बाड़ी सामुदायिक स्वाथ्य केन्द्र पर चिकित्सक ने सोमवार को पोस्टमार्टम किया और शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने बताया कि मारे गये डकैतों के कब्जे से थी्र नोट थ्री की एक व 36 बोर के दो पचफेरा सहित भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्य रात्रि में अंधेरा का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

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