मंगलवार, 31 मार्च 2009

अवैध खनन को दस्यु दलों में फायरिंग

यूपी और राजस्थान के बार्डर पर राजाखेड़ा के गढ़ी टिडावली और समौना घाट पर बालू के अवैध कारोबार को लेकर दस्यु चंदना और रामनिवास उर्फ मुंडा में सोमवार को सुबह तड़के जमकर गोलियां चली। फायरिंग की सूचना पर राजाखेड़ा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।चंबल के बीहड में राजस्थान बार्डर के गढ़ी टिडावली और समौना घाट से सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंद के बाद भी बालू का अवैध खनन होता है। इसके एवज में डकैत रंगदारी वसूल करते हैं। तीन साल पहले इसी जगह से जगजीवन परिहार ने आठ लोगों का सामूहिक अपहरण कर सनसनी फैला दी थी। बताया जाता है िक चंदना गिरोह यहां से प्रति टोली 200 रुपये की रंगदारी वसूलता है। राम निवास में इस रायल्टी में अपना हिस्सा मांगना शुरु कर दिया है। इसी बात पर दोनों में फायरिंग हो गई।

सोमवार, 9 मार्च 2009

मुठभेड़ में तीन इनामी डकैत ढेर

मुरैना पुलिस ने क्वारी नदी के बीहड़ में रविवार मध्य रात्रि हुई मुठभेड़ में तीन इनामी डकैतों को मार गिराया। देवगढ़ थाना क्षेत्र के दत्त मंदिर के पास हुई मुठभेड़ में मार गए डकैतों की पहचान लक्ष्मण सिंह गुर्जर निवासी गांव गंगोली थाना डांगबसई धौलपुर(राजस्थान), रामवरन गुर्जर निवासी मठमलपुरा थना सरमथुरा(राजस्थान) और जितेंद्र त्यागी निकाय थाना जौरा (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। इस सभी पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित था।

शनिवार, 7 मार्च 2009

मारा गया भान सिंह

औरैया और इटावा के बीहड़ों में सक्रिय मान सिंह गुर्जर गैंग को बीजलपुर गांव के पास औरैया पुलिस ने मार गिराया। एसपी नचिकेता झा के नेतृत्व में टीम ने रात्रि में घेराबंदी कर दस्यु को मार गिराया।

मंगलवार, 3 मार्च 2009

ग्वालियर में दो ईनामी डकैत ढेर

ग्वालियर चंबल संभाग में पुलिस ने दो ईनामी डकैतों को मार गिराया। दोनों डकैत हरी सिंह और मोहन सिंह रावत पर दस-दस हजार का ईनाम था। हरी सिहं गुर्जर को पुलिस ने शिवपुरी जिले के जंगल में मार गिराया। इस गैंग से दो अपह्रत भी मुक्त कराए गए हैं। दोनों मुक्त महुआखेड़ा घाटी गांव के रहने वाले हैं। डकैत मोहन सिंह रावत को तीन साथियों के साथ थरेट की चीना चौकी के पास पुलिस ने घेर लिया। गोलीबारी में मोहन सिंह मारा गया। उसके साथी भाग निकले।

सोमवार, 2 मार्च 2009

दस्यु जगन के गिरोह की कमान पप्पू गुर्जर के हाथ

आत्मसमर्पण कर चुके जगन गुर्जर के गैंग की कमान अब उसके भाई पप्पू गुर्जर के हाथ आ गई है। उसने जगन गिरोह के बचे साथियों को एकजुट कर गैंग खड़ा कर लिया है। डांग इलाके में एक स्थान पर पप्पू ने बंदूक का पूजन किया। इसके पास एके-47 जैसे घातक हथियार हैं। इससे गिरोह अभी भी ताकतवर बना हुआ है। इस गिरोह में पप्पू के साथ उसके भाई पान सिंह, लाल सिंह भी शामिल हैं।