बुधवार, ४ नवम्बर २००९
बीहड़ में घुसा बाजार
गुरुवार, २० अगस्त २००९
शिवपुरी जिले में डकैत गड़रिया गिरोह
गिरोह सदस्य हथियार
रामविशेष गुर्जर 10 306 बोर बंदूक
रामविलास गुर्जर 08 315 बोर बंदूक
लाल सिंह गुर्जर 08 315 बोर बंदूक
उत्तम गड़रिया 10 315 बोर बंदूक
राजेंद्र गुर्जर 05 315 बोर बंदूक
मंगलवार, ३० जून २००९
राजकुमार गैंग का सदस्य पकड़ा
रविवार, २८ जून २००९
बीहड़ टूरिज्म हमारे साथ
आखिर कहां है पंजाब गुर्जर
मंगलवार, २३ जून २००९
सुरक्षाकर्मी ही निकला अपहरण कांड का विभीषण
नंगे पैर घंटों दौड़ाया
राजकुमार का दादा भी था डकैत
सिमरई गांव में राजकुमार का घर
राजकुमार और उसका भाई राजनारायण का दादा भी अपने जमाने में डकैत रहा था। रामसनेही के यह दोनों पुत्र भिंड जिले के गोरमी थाना क्षेत्र के स्वेच्छापुर गांव के रहने वाले थे। सिमरई गांव में अब उनका घर खंडहर हो चुका है। उनके दादा रामलाल का साठ के दशक में चंबल के बीहड़ों में आतंक था। क्षेत्र के बुजुर्ग बताते हैं कि रामलाल ने 40 साल पहले अकेले ही तीन दिन तक राजस्थान पुलिस से लोहा लिया था। राजकुमार और राजनारायण ने 2007 में गोरमी थाने के स्वेच्छापुर गांव में भारत भूषण उर्फ सेठी की हत्या की थी। दो साल में दोनों भाइयों ने मध्यप्रदेश के पावुई, अटेर, गोरमी, महुआ थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर आतंक मचा दिया था। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्यप्रदेश पुलिस ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। फिलहाल गैंग में दस सदस्य हैं। राजकुमार हमेशा वर्दी में रहता है। उसके सदस्य उसे फौजी कहकर बुलाते हैं।
