शुक्रवार, 24 जून 2016

बीहड़ पर किताब लिखने के रुपरेखा मैने लगभग दस साल पहले तय की थी। मूर्खता में मैने अपने ब्लाग पर इसकी रुपरेखा भी डाल दी। अब देख रहा हूं जैसा कि एक महीने में मुझसे तीन लोग संपर्क कर चुके हैं सभी इस रुपरेखा पर ही किताब लिखने की तैयारी कर रहे हैं। मैं सोच रहा हूं क्यों न मैं अपना कार्यक्रम स्थगित ही कर दूं। भाई लोग हैं तो लिखने के लिए। किसी ने भी लिखा जानकारी तो लोगों तक पहुेच ही जाएंगी। मैं ही लिखूं ये जरूरी तो नहीं

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