रविवार, 5 अक्तूबर 2008

मुरैना से अपहृत युवकों का सुराग नहीं

राजस्थान मडरायल से अपहृत मुरैना के चारों युवकों का अब तक अता-पता नहीं लग सका है। करौली पुलिस की पार्टियां रविवार को भी मडरायल के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्र में युवकों की तलाश में भटकती रही। करौली के पुलिस अधीक्षक सरवर खान की माने तो पुलिस जल्दी ही अपहरणकर्ता तक पहुंच जाएगी। इस संदर्भ में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण क्लू भी हाथ लगे हैं।
गौरतलब है कि कैलादेवी के दर्शनों को जा रहे मुरैना के भक्त सोबरन शर्मा, रिंकू अग्रवाल, नेमीचंद अग्रवाल और सोनू अग्रवाल का अज्ञात बदमाशों ने राजस्थान के करौली जिले में चंबल नदी के मडरायल घाट के उस पार से अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने अपहृत रिंकू के मोबाइल से ही उनके घरवालों से फोन पर बात कर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी है।
अपहृतों को लेकर करौली पुलिस और मुरैना मध्यप्रदेश पुलिस चकरघिन्नी बनी हुई है। वहीं अपहृतों के परिजनों का भी बुरा हाल है। युवकों की तलाश में मुरैना से गई पार्टियां भी राजस्थान के चंबल बीहड़ों में सर्च कर रही हैं। करौली के पुलिस अधीक्षक सरवर खान ने बताया कि अभी तक अपहृतों की लोकेशन उनके मोबाइल के हिसाब से चंबल घाटियों में मडरायल और सबलगढ़ की तरफ मिल रही है। सरवर के अनुसार मुकेश की बातचीत से शक है कि फिरौती के लिए फोन करने वाले मुकेश की आवाज राजस्थानी बोलचाल से मेल नहीं खा रही है। माना जा रहा है कि मुकेश दादा मुरैना का ही रहने वाला है।

1 टिप्पणी:

भुवनेश शर्मा ने कहा…
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