बीहड़ की दुनिया में आपका स्वागत है। नए सनसनी और संघर्ष की जानकारी

मंगलवार, 17 जून 2008

बीहड़ में मुंडा

महीनों से भूमिगत चल रहा एक और सरगना जाग उठा। रामनिवास उर्फ मुंडा के नाम से चर्चित कभी छोटी-मोटी वारदात करने वाले इस सरगना ने इस बार मथुरा के रिटायर्ड नेवी अधिकारी पुत्र के अपहरण कर डाला। आगरा क पिनाहट से लगे बीहड़ में सरगना के टिके होने की पुलिस को भनक लग गई। इस समय सरगना सौदेबाजी कर रहा था। पुलिस आने की खबर से अपह्रत सहित भाग गया। कुछ समय पहले इस मुंडा के पास नगला पदी में रहने वाले पूर्व पार्षद नत्थी सिंह के पुत्र हरिओम की पकड़ पहुंचाई गई। सूत्रों को मुताबिक मुंडा ने हरिओम के परिजनों में 15 लाख फिरौती की मांग की है।

शुक्रवार, 13 जून 2008

नादिया मारा गया

यमुना और चंबल के बीहड़ में आतंक मचाने वाला अमीनाबाद दलित हत्याकांड का मुख्य आरोपी और तीन दर्जन से अधिक मामलों में वांछित दस्यु सरगना दीपचंद उर्फ नादिया इटावा के पास पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। उसके साथ 10 हजार रुपये का ईनामी डकैत सोनवीर और लुखरिया भी मुठभेड़ में मार गिराया गया। नादिया पर 20 हजार रुपये का इनाम था। पिछले कुछ ही दिन में वह इटावा, औरैया और भिंड के बीहड़ों में आतंक फैलाए हुए था। नादिया बिरौधी थाना भरथना इटावा का निवासी था। इकदिल के पास अमीनाबाद में पांच दलितों की सामूहिक हत्या कर वह चर्चा में आ गया था।

मंगलवार, 10 जून 2008

पुलिस ने पंजाब को घेरा

एक लाख के ईनामी डाकू और भिंड,ग्वालियर, शिवपुरी के साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके डाकू पंजाब को ग्वालियर के पास घाटीगांव में पुलिस ने घेर लिया है। सूचना लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ में पंजाब के खास साथी राजेंद्र के घायल होने की सूचना है। मुठभेड़ की खबर सुनकर भारी भीड़ जमा हो गई है।जगजीवन परिहार और गड़रिया गिरोह के खत्म होने के बाद बीहड़ में पंजाब ही एक मात्र ताकतवर गैंग बचा हुआ है। यह खुशी की बात है कि बीते कुछ सालों से पुलिस डकैतों के खिलाफ काफी आक्रामक हुई है। वह डाकुओं को सीधे मुठभेड़ में मार गिरा रही है। अलबत्ता को किसी डाकू को मार गिराने के बाद अक्सर ही बीहड़ों में उसे धोखे से मार गिराने की कई कहानियां चल पड़ती हैं। मानों पुलिस ने किसी बहादुर के साथ बड़ी नाइंसाफी की हो।पंजाब का आतंक इस इलाके में बहुत है। वह गुर्जर डाकुओं की कड़ी में खतरनाक डाकू माना जाता है। अगर वह मारा गया तो यह इलाके की जनता के लिए राहत की बात होगी।

रविवार, 8 जून 2008

राजेंद्र और कमल गुजर्र

आगरा और धोलपुर के आसपास हंगामा मचा रहे बदमाश राजेंद्र और कमल गुर्जर पर डीजीपी उत्तरप्रदेश विक्रम सिंह ने 20 हजार का ईनाम घोषित किया है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि इन बदमाशों को मारो और मनपसंद पोस्टिंग और प्रमोशन पाओ। देखते हैं पुलिस का कौन बहादुर सामने आता है। डीजीपी महोदय कोई जुगत भिड़ाओ ऐसे तो यह हाथ आने वाले नहीं।

शुक्रवार, 6 जून 2008

जनप्रिय बागी

अपनी तमाम ऊंचनीच के बावजूद इस दौर के बागी जनप्रिय थे। अंग्रेजी कुशासन कुशासन और अव्यवस्था के खिलाफ लक्ष्यहीन और बहुत हद तक निजी ही सही उनकी बगावत बहुसंख्यक उत्पीड़ित जनता की प्रतिध्वनि ही थी। बागी मानसिंह के समाकालीन मुरैना जिले की पोरसा तहसील के गांव नगला के लाखनसिंह की लोकप्रियता तो इतनी अधिक फैल गई थी कि लोगों ने उन पर लंगुरिया (लोकगीत) तक बना लिए थे। जैसे-
नगरा के लाखनसिंह लगुंरिया।
तखत हिलाए दओ दिल्ली को।
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सोमवार, 28 अप्रैल 2008

दस्यु सुंदरी कौमेश

दस्यु सुंदरी कौमेश
चंबल के बीहड़ में एक नई महिला डकैत। इसके खौफ से परेशान है मध्यप्रदेश और राजस्थान की पुलिस। ऐसी दिलेर की भरे कसबे में दिन दहाड़े गोलियों की बौछार कर दी। कौन है यह। कहां रहती है। जानिए......
कई दशक पूर्व चंबल के बीहड़ में दस्यु सुंदरी फूलन देवी के खौफ ने आम आदमी के साथ पुलिस को परेशान कर रखा था। अब चंबल के बीहड़ में एक और दस्यु सुंदरी ने बंदूक उठाई है। बीहड़ में फूलन की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली इस दस्यु सुंदरी का नाम है कौमेश। जनपद पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक जनपद के बसई डांग थाना क्षेत्र के गांव गोठियापुर निवासी छीतरिया की पुत्री कौमेश गुर्जर इन दिनों जगन गुर्जर गिरोह की सक्रिय सदस्य है। जनपद के बाडी कसबे में अंधाधुंध फायरिंग करने वाली कौमेश ने अपनी दिलेरी का परिचय दिया था। कौमेश के सिर पर मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से चार हजार का ईनाम है। धौलपुर पुलिस ने उस पर पांच सौ रूपये का ईनाम घोषित किया है। अपराध बढ़ते देख पुलिस इनाम राशिर और बढ़ाने की तैयारी में है।

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2008

मोहर सिंह का अंत

एक और बेहमई को अंजाम देने की धमकी देने वाले मोहर सिंह मल्लाह का पुलिस ने अंत कर दिया। मोहर सिंह उन डकैतों की कड़ी में था जो राजनीतिक कारणों से बीहड़ों में कूदे। यमुना का बीहड़ मल्लाह डकैतों के लिए चर्चित रहा है। मोहर सिंह का बीहड़ी जीवन कुल जमा एक साल रहा। यूं वह मान सिंह मल्लाह और अरविंद गुजर्र गैंग में भी काम करता रहा। हाल ही में बीडीसी चुनाव हारने के बाद वह बीहड़ में कूद गया। इसके बाद उसने एक और बेहमई जैसे कांड को करने की धमकी दी थी।