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शनिवार, 13 दिसंबर 2008

दस्यु जबरा लोधी ढेर


चालीस हजार रुपये का इनामी और मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश के कई जिलों में अपनी दहशत फैलाने वाले जबरा लोधी को भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र के मिहोनी गांव के पास गुना पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। इस मुठभेड़ में दबोह के थाना प्रभारी आरबीएस सिकरवार भी गोली लगने से घायल हो गए। डकैत जबरा के पास से पुलिस को 12 बोर की बंदूक और कुछ कारतूस मिले हैं जबकि उसके साथी भाग जाने में सफल रहे। जबरा पर मध्यप्रदेश सरकार ने 25 और उत्तरप्रदेश सरकार ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसका आतंक मध्यप्रदेश के सेवढ़ा दतिया, थरेट और यूपी के उरई और जालौन जिलों में था।

शनिवार, 5 जुलाई 2008

लोहे से लोहा काटती पुलिस

एक हैं रामसहाय गुर्जर। इन दिनों महाशय का आतंक राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की पुलिस झेल रही है। बीहड़ में डकैत हैं रामसहाय गुर्जर। कल तक इनकी डकैत कमल गुर्जर से खूब छनती थी लेकिन अब पुलिस कमल गुर्जर के जरिए रामसहाय तक पहुंचने की फिराक में है। कमल गुर्जर गुर्जर आंदोलन के दौरान राजस्थान की मुख्यमंत्री को धमकी तक दे डाली थी। धमकी जगन गुर्जर ने भी दी थी। जगन पर अब दस लाख का ईनाम घोषित कर दिया गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश की पुलिस हाथ धोकर उसके पीछे पड़ गई है। कमल का भाई भी उसका साथ छोड़कर समर्पण कर चुका है। ऐसे में कमल भी समर्पण का मन बना रहा है। उसे जरूरत है तो किसी ऐसे विश्वस्त की जो उसकी जान सलामती का भरोसा दे सके। कमल की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर पुलिस कमल के जरिए रामसहाय तक पहुंचने की जुगत लगा रही है। कहा जाता है कि रामसहाय इन दिनों धौलपुर के जंगलों में डेरा डाले हुए है। यह इलाका कमल गुर्जर का कहा जाता है। रामसहाय के पास मुरैना और ग्वालियर की कुछ पकड़ भी हैं।

शुक्रवार, 27 जून 2008

इनामी दस्यु मोहन गुर्जर ढेर

जगन से खटपट के बाद खुद का गिरोह बनाया था

मध्यप्रदेश और राजस्थान में वांटेड और अपना नया गैंग खड़ा करने वाला मोहन गुर्जर गुरुवार की सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। घंटे भर चली गोलीबारी में 20 हजार का इनामी और लगभग 30 मामलों में वांछित मोहन गुर्जर मुरैना पुलिस की गोली से धराशायी हो गया। उसके छह साथी भागने में सफल हो गए।राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीहड़ में आतंक मचाने वाला डकैत सरगना जगन गुर्जर गैंग के सदस्य मोहन गुर्जर ने जगन गुर्जर से खटपट के बाद खुद का गैंग बना लिया था। उसके गैंग में छह सदस्य थे। मोहन राजस्थान के धौलपुर, बाड़ी, डांगबसई और मध्यप्रदेश के मुरैना, जौरा, सबलगढ़ आदि क्षेत्रों में लगातार वारदातें कर रहा था। वह राजस्थान में वारदात कर मध्यप्रदेश की सीमा में आ जाता था और फिर मध्यप्रदेश में वारदात करने के बाद राजस्थान भाग जाता था। मुरैना पुलिस के मुताबिक मोहन चंबल के बीहड़ों में अपने साले के यहां देवगढ़ में शरण लिए हुए थे। पुलिस ने बताया कि गैंग के पास एके 47 भी है। मुठभेड़ स्थल से पुलिस को एके 47 के कुछ राउंड मिले हैं। मोहन गुर्जर थाना डांगबसई नयापुरा राजस्थान का रहने वाला था।

सोमवार, 23 जून 2008

एनकाउंटर पर उबले दिग्विजय

मध्यप्रदेश की मुरैना जिले की तहसील कैलारस में इन दिनों हलचल है। हलचल है एक अपराधी को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराए जाने की। असल में विरोध पुलिस के एनकाउंटर को लेकर है। पुलिस ने बीते दिनों यहा कल्लू सिकरवार नाम के व्यक्ति का एनकाउंटर कर दिया। पुलिस के मुताबिक वह फरार चल रहा था। इस बात पर जनता ने तीव्र विरोध है। लोगों का कहन है कि कल्लू फरार नहीं था। वह बकायदा अपने परिवार के साथ कैलारस कस्बे में रह रहा था। वह एक मामले के सिलसिले में कोर्ट में पेशी पर गया था। तभी पुलिस ने उसे मार गिराया। यहां तक तो बात ठीक थी लेकिन इस मामले में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कूद पड़े हैं। उन्होंने बयान दिया है कि पुलिस को यह एनकाउंटर महंगा पड़ेगा। बताते हैं कि यह व्यक्ति दिग्विजय सिंह का रिश्तेदार था। इस रिश्तेदारी के कारण पूर्व मुख्यमंत्री को मुंह खोलना पड़ा। सच्चाई कुछ भी हो लेकिन इससे मध्यप्रदेश की पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है।

मंगलवार, 17 जून 2008

बीहड़ में मुंडा

महीनों से भूमिगत चल रहा एक और सरगना जाग उठा। रामनिवास उर्फ मुंडा के नाम से चर्चित कभी छोटी-मोटी वारदात करने वाले इस सरगना ने इस बार मथुरा के रिटायर्ड नेवी अधिकारी पुत्र के अपहरण कर डाला। आगरा क पिनाहट से लगे बीहड़ में सरगना के टिके होने की पुलिस को भनक लग गई। इस समय सरगना सौदेबाजी कर रहा था। पुलिस आने की खबर से अपह्रत सहित भाग गया। कुछ समय पहले इस मुंडा के पास नगला पदी में रहने वाले पूर्व पार्षद नत्थी सिंह के पुत्र हरिओम की पकड़ पहुंचाई गई। सूत्रों को मुताबिक मुंडा ने हरिओम के परिजनों में 15 लाख फिरौती की मांग की है।

शुक्रवार, 13 जून 2008

नादिया मारा गया

यमुना और चंबल के बीहड़ में आतंक मचाने वाला अमीनाबाद दलित हत्याकांड का मुख्य आरोपी और तीन दर्जन से अधिक मामलों में वांछित दस्यु सरगना दीपचंद उर्फ नादिया इटावा के पास पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। उसके साथ 10 हजार रुपये का ईनामी डकैत सोनवीर और लुखरिया भी मुठभेड़ में मार गिराया गया। नादिया पर 20 हजार रुपये का इनाम था। पिछले कुछ ही दिन में वह इटावा, औरैया और भिंड के बीहड़ों में आतंक फैलाए हुए था। नादिया बिरौधी थाना भरथना इटावा का निवासी था। इकदिल के पास अमीनाबाद में पांच दलितों की सामूहिक हत्या कर वह चर्चा में आ गया था।

मंगलवार, 10 जून 2008

पुलिस ने पंजाब को घेरा

एक लाख के ईनामी डाकू और भिंड,ग्वालियर, शिवपुरी के साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके डाकू पंजाब को ग्वालियर के पास घाटीगांव में पुलिस ने घेर लिया है। सूचना लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ में पंजाब के खास साथी राजेंद्र के घायल होने की सूचना है। मुठभेड़ की खबर सुनकर भारी भीड़ जमा हो गई है।जगजीवन परिहार और गड़रिया गिरोह के खत्म होने के बाद बीहड़ में पंजाब ही एक मात्र ताकतवर गैंग बचा हुआ है। यह खुशी की बात है कि बीते कुछ सालों से पुलिस डकैतों के खिलाफ काफी आक्रामक हुई है। वह डाकुओं को सीधे मुठभेड़ में मार गिरा रही है। अलबत्ता को किसी डाकू को मार गिराने के बाद अक्सर ही बीहड़ों में उसे धोखे से मार गिराने की कई कहानियां चल पड़ती हैं। मानों पुलिस ने किसी बहादुर के साथ बड़ी नाइंसाफी की हो।पंजाब का आतंक इस इलाके में बहुत है। वह गुर्जर डाकुओं की कड़ी में खतरनाक डाकू माना जाता है। अगर वह मारा गया तो यह इलाके की जनता के लिए राहत की बात होगी।

रविवार, 8 जून 2008

राजेंद्र और कमल गुजर्र

आगरा और धोलपुर के आसपास हंगामा मचा रहे बदमाश राजेंद्र और कमल गुर्जर पर डीजीपी उत्तरप्रदेश विक्रम सिंह ने 20 हजार का ईनाम घोषित किया है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि इन बदमाशों को मारो और मनपसंद पोस्टिंग और प्रमोशन पाओ। देखते हैं पुलिस का कौन बहादुर सामने आता है। डीजीपी महोदय कोई जुगत भिड़ाओ ऐसे तो यह हाथ आने वाले नहीं।

सोमवार, 28 अप्रैल 2008

दस्यु सुंदरी कौमेश

दस्यु सुंदरी कौमेश
चंबल के बीहड़ में एक नई महिला डकैत। इसके खौफ से परेशान है मध्यप्रदेश और राजस्थान की पुलिस। ऐसी दिलेर की भरे कसबे में दिन दहाड़े गोलियों की बौछार कर दी। कौन है यह। कहां रहती है। जानिए......
कई दशक पूर्व चंबल के बीहड़ में दस्यु सुंदरी फूलन देवी के खौफ ने आम आदमी के साथ पुलिस को परेशान कर रखा था। अब चंबल के बीहड़ में एक और दस्यु सुंदरी ने बंदूक उठाई है। बीहड़ में फूलन की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली इस दस्यु सुंदरी का नाम है कौमेश। जनपद पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक जनपद के बसई डांग थाना क्षेत्र के गांव गोठियापुर निवासी छीतरिया की पुत्री कौमेश गुर्जर इन दिनों जगन गुर्जर गिरोह की सक्रिय सदस्य है। जनपद के बाडी कसबे में अंधाधुंध फायरिंग करने वाली कौमेश ने अपनी दिलेरी का परिचय दिया था। कौमेश के सिर पर मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से चार हजार का ईनाम है। धौलपुर पुलिस ने उस पर पांच सौ रूपये का ईनाम घोषित किया है। अपराध बढ़ते देख पुलिस इनाम राशिर और बढ़ाने की तैयारी में है।