11 लाख के ईनामी बदमाश जगन गुर्जर भी आखिर प्यार के आगे हार ही गया। साथी दस्यु कौमेश की गिरफ्तारी के बाद टूटे जगन ने आखिरकार बसंत पंचमी यानी 31 जनवरी को आत्मसमर्पण कर ही दिया। जगन ने करौली जिले के निकटवर्ती गांव कैमरी में स्थित जगदीश मंदिर परिसर में बसंत मेला के दौरान दौसा सांसद सचिन पायलट के सामने शाम 4बजकर 30 मिनट पर सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जगन गुर्जर के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश में 72 मुकदमें दर्ज हैं। इनमें से दो दर्जन हत्या के हैं। जगन का बीहड़ी जीवनजगन का बीहड़ों में प्रवेश 1994 में हुआ। इसके बाद उसके चार भाई भी गैंग में शामिल हो गए। वर्तमान में उसके गैंग में 25 सदस्य हैं। जगन गुर्जर अकेला ही 315 वोर की रायफल और 10 जिंदा कारतूस की पेटी लटकाकर मेला स्थल आया। यहां पुलिस अधिकारियों के प्रतिनिधि के रुप में मौजूद करौली के अपर पुलिस अधीक्षर ने उससे हथियार लेकर हिरासत में ले लिया। इस मौके पर उसने कहा कि अब वह सामाजिक जीवन जीना चाहता है। उसने स्वीकारा कि उत्तरप्रदेश की पुलिस के लोगों के उसकी मिलीभगत थी और यहीं से उसे हथियार और कारतूस मिलते थे। जगन ने कुछ शर्ते भी रखी हैं लेकिन इसके विषय में अधिकारी अभी कुछ नहीं बता रहे हैं।
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शनिवार, 31 जनवरी 2009
जगन ने डाल दिए हथियार
11 लाख के ईनामी बदमाश जगन गुर्जर भी आखिर प्यार के आगे हार ही गया। साथी दस्यु कौमेश की गिरफ्तारी के बाद टूटे जगन ने आखिरकार बसंत पंचमी यानी 31 जनवरी को आत्मसमर्पण कर ही दिया। जगन ने करौली जिले के निकटवर्ती गांव कैमरी में स्थित जगदीश मंदिर परिसर में बसंत मेला के दौरान दौसा सांसद सचिन पायलट के सामने शाम 4बजकर 30 मिनट पर सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जगन गुर्जर के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश में 72 मुकदमें दर्ज हैं। इनमें से दो दर्जन हत्या के हैं। जगन का बीहड़ी जीवनजगन का बीहड़ों में प्रवेश 1994 में हुआ। इसके बाद उसके चार भाई भी गैंग में शामिल हो गए। वर्तमान में उसके गैंग में 25 सदस्य हैं। जगन गुर्जर अकेला ही 315 वोर की रायफल और 10 जिंदा कारतूस की पेटी लटकाकर मेला स्थल आया। यहां पुलिस अधिकारियों के प्रतिनिधि के रुप में मौजूद करौली के अपर पुलिस अधीक्षर ने उससे हथियार लेकर हिरासत में ले लिया। इस मौके पर उसने कहा कि अब वह सामाजिक जीवन जीना चाहता है। उसने स्वीकारा कि उत्तरप्रदेश की पुलिस के लोगों के उसकी मिलीभगत थी और यहीं से उसे हथियार और कारतूस मिलते थे। जगन ने कुछ शर्ते भी रखी हैं लेकिन इसके विषय में अधिकारी अभी कुछ नहीं बता रहे हैं।
सोमवार, 15 सितंबर 2008
जमीन बेचकर फिरौती
डेढ़ महीने पहले आगरा के जौहरी बाजार से अपह्रत किए गए सुदीप राजेंद्र गुर्जर गैंग से मुक्त हो गया है। उसे मुक्त कराने के लिए घर वालों को पूरे छह लाख रुपये की फिरौती गैंग को सौंपनी पड़ी। यह रकम घर वालों ने जमीन बेचकर इकट्ठी की। यह डील ग्वालियर के पास तिघरा झाला क्षेत्र के बीहड़ में हुई। फिरौती की रकम मिलने की खुशी में गिरोह ने गोलियां दागी जिसकी खबर गांव वालों ने पुलिस को दे दी। पुलिस पहुंचती इससे पहले ही गैंग जा चुका था लेकिन रास्ते में पुलिस को वैन मिली जिसमें सुदीप और उसके परिजन बैठे थे।
शनिवार, 5 जुलाई 2008
लोहे से लोहा काटती पुलिस
एक हैं रामसहाय गुर्जर। इन दिनों महाशय का आतंक राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की पुलिस झेल रही है। बीहड़ में डकैत हैं रामसहाय गुर्जर। कल तक इनकी डकैत कमल गुर्जर से खूब छनती थी लेकिन अब पुलिस कमल गुर्जर के जरिए रामसहाय तक पहुंचने की फिराक में है। कमल गुर्जर गुर्जर आंदोलन के दौरान राजस्थान की मुख्यमंत्री को धमकी तक दे डाली थी। धमकी जगन गुर्जर ने भी दी थी। जगन पर अब दस लाख का ईनाम घोषित कर दिया गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश की पुलिस हाथ धोकर उसके पीछे पड़ गई है। कमल का भाई भी उसका साथ छोड़कर समर्पण कर चुका है। ऐसे में कमल भी समर्पण का मन बना रहा है। उसे जरूरत है तो किसी ऐसे विश्वस्त की जो उसकी जान सलामती का भरोसा दे सके। कमल की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर पुलिस कमल के जरिए रामसहाय तक पहुंचने की जुगत लगा रही है। कहा जाता है कि रामसहाय इन दिनों धौलपुर के जंगलों में डेरा डाले हुए है। यह इलाका कमल गुर्जर का कहा जाता है। रामसहाय के पास मुरैना और ग्वालियर की कुछ पकड़ भी हैं।
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