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शनिवार, 22 जुलाई 2023

चंबल के किनारे के 88 गांवों को बाढ़ के नाम पर विस्थापित नहीं किया जाए, बीहड़ की जमीन पर काबिज किसानों को पट्टे दिए जाएं। किसान सभा



सबलगढ़ (मुरैना): हाल ही में स्थानीय प्रशासन द्वारा चंबल के किनारे बसे हुए, जिले के 88 गांवों को विस्थापित करने तथा ऊपरी क्षेत्र में अति लघु आवासीय पट्टे देकर उन्हें हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। जो किसान पीढ़ियों से चंबल के किनारे के गांवों में रह रहे हैं। अब आनन-फानन में उनको विस्थापित करने का आदेश पूरी तरह से न्याय के सिद्धांतों का उलंघन होकर अमानवीय है।

अब किसान कहां जाएंगे, आवास कैसे बनेंगे, उनकी आजीविका स्थानीय स्रोतों से ही संचालित है उसका विकल्प क्या होगा। इस संबंध में किसी तरह का कोई विचार-विमर्श किसानों से नहीं किया गया है और एकतरफा विस्थापन का आदेश जारी कर दिया है। किसानों ने इस आदेश के विरोध में लामबंद होकर इसका पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया है। किसान सैकड़ों की संख्या में मंडी में एकत्रित हुए रैली बनाकर तहसील चौराहे पर पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री, कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी सबलगढ़ के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किए। ज्ञापन स्थानीय तहसीलदार महोदया ने लिए। साथ ही किसानों ने सैकड़ों की संख्या में चंबल बीहड़ की जमीन के पट्टे देने संबंधी आवेदन भी तहसीलदार महोदय को ज्ञापन के साथ दिए। 

इस दौरान किसानों की  आय सभा हुई। सभा को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहां कि प्रशासन को चंबल के किनारे बसे गांवों के विस्थापन संबंधी आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए और उसे निरस्त किया जाना चाहिए। किसान पीढ़ियों से निवासरत है। उन्हें चंबल बीहड़ की जमीन के पट्टे भी दिए जाने चाहिए। उन्हें विस्थापित नहीं किया जाए। साथ ही बाढ़ नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जाए। किसानों की सभा को मध्य प्रदेश किसान सभा के जिला महासचिव मुरारी लाल धाकड़ ने संबोधित करते हुए आगामी दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। साथ ही 08 अगस्त को पुनः अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पर सत्याग्रह करने की घोषणा की।

किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, ओमप्रकाश श्रीवास ने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए जुझारू आंदोलन की चेतावनी दी।

सभा को सर्वश्री छात्र नेता एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह धाकड़, पूर्व पार्षद इब्राहिम शाह, किसान नेता राम प्रकाश सिंह जादौन, भान सिंह जादौन, हंसराज शर्मा, रघुवीर सिंह केवट, घमंडी केवट, हरिनंदन रावत आदि ने संबोधित किया।

किसानों ने आगामी दिनों में आंदोलन तेज करने का सर्वसम्मति से विनिश्चय किया है। इसके लिए चंबल क्षेत्र के सभी किसान बड़ी संख्या में परिवारों के साथ लामबंद होंगे।