बीहड़ की दुनिया में आपका स्वागत है। नए सनसनी और संघर्ष की जानकारी

शनिवार, 13 दिसंबर 2008

दस्यु जबरा लोधी ढेर


चालीस हजार रुपये का इनामी और मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश के कई जिलों में अपनी दहशत फैलाने वाले जबरा लोधी को भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र के मिहोनी गांव के पास गुना पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। इस मुठभेड़ में दबोह के थाना प्रभारी आरबीएस सिकरवार भी गोली लगने से घायल हो गए। डकैत जबरा के पास से पुलिस को 12 बोर की बंदूक और कुछ कारतूस मिले हैं जबकि उसके साथी भाग जाने में सफल रहे। जबरा पर मध्यप्रदेश सरकार ने 25 और उत्तरप्रदेश सरकार ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसका आतंक मध्यप्रदेश के सेवढ़ा दतिया, थरेट और यूपी के उरई और जालौन जिलों में था।

बुधवार, 10 दिसंबर 2008

चुरकुट को पकड़ बता रहे दस्यु

धौलपुर पुलिस पांच हजार के एक ईनामी बदमाश रामवकीला को पकड़कर उसे दस्यु बता रही है। पुलिस की वाहवाही देखिए इस दस्यु से उसे एक देशी तमंचा और एक कारतूस मिला है। इसे पकड़ने के लिए जैसा कि पुलिस का कहन है उसे एडीएफ टीम प्रभारी महावीर सिंह बसई डांग थाना की फोर्स को साथ लेना पड़ा। कथित दस्यु की घेराबंदी भी की उसने भागने की कोशिश की तब कहीं बड़ी मुश्किल से उसे दबोचा जा सका।

रविवार, 23 नवंबर 2008

कौमेश गिरफ्तार


11 लाख के इनामी डकैत दस्यु जगन गुर्जर की साथी कौमेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुरैना पुलिस के साथ बीते दिनो हुई मुठभेड़ में कौमेश घायल हुई थी। वह धौलपुर के सरमथुरा के एक नर्सिंग होम में इलाज करा रही थी। यहीं से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। कौमेश अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए बीहड़ में कूदी थी। गुर्जर आंदोलन के दौरान वह आंदोलन को समर्थन देने को लेकर चर्चा में आई थी।

रविवार, 16 नवंबर 2008

बच निकला दस्यु जगन

11 लाख का इनामी और तीन राज्यों में वांछित दस्यु सरगना जगन गुर्जर शनिवार की रात ग्वालियर पुलिस से हुई मुठभेड़ में बच निकला। पुलिस को टाटा सूमो और कुछ हथियार ही मिल सके। अनुमान है कि मुठभेड़ में दो डकैतों को गोलियां लगी हैं। जगन गुर्जर के साथ महिला डकैत कोमेश गुर्जर भी थी। यह मुठभेड़ चिन्नौनी थाना क्षेत्र में हुई।

शनिवार, 15 नवंबर 2008

चुनाव में चहका बीहड़

पहली बार बीहड़ में एक नई पहल हो रही है। सदियों से दबे और आज भी हद तक पिछड़े लोगों में उत्तेजना है। इस उत्तेजना की वजह है चुनाव। मध्यप्रदेश में एक जिला है मुरैना। बीहड़ और बेहद जटिल परिस्थिति वाले इस जिले के पास ही है श्योपुर जिला। मुरैना को काटकर बनाए गए इस जिले में सहरिया आदिवासी की बड़ी संख्या है। यह जाति सदियों से पिछड़ी रही है। इसकी कई पीढ़ियों में तो ट्रेन देखी तक नहीं है। शहर में चलने और उठने बैठने का क्या कायदा होता है यह नहीं जानते। इसके कई लोग तो पुलिस के सिपाही को देखते ही अभी हाल तक भागते रहे हैं लेकिन लगता है अब हालात बदल रहे हैं। इस जिले की तहसील विजयपुर से भाजपा के टिकट पर पहली वार इस इलाके से कोई आदिवासी चुनाव लड़ रहा है और यह आदिवासी है सीताराम जो गर्व से अपने नाम के आगे आदिवासी लगाते हैं। यहां मुद्दा किसी पार्टी का नहीं है लेकिन मौजूदा हालात में जिस तरह सीताराम के साथ वहां का आदिवासी एकजुट हुआ है उसने जता दिया है कि सत्ता में आने की छटपटाहट उनके अंदर भी है। चिंता है तो सिर्फ इतनी कि यह छटपटाहट किसी वैचारिक स्तर या अपने हक को पाने की अकुलाहट के बजाए जाति के उसी विषैले समीकरण से पैदा हुई है जिसने मौजूदा राजनीति के परिदृश्य को नीलकंठी बना दिया है। कुछ भी हो लेकिन इससे आदिवासियों में राजनीति का स्वाद तो मिलेगा ही और देर से ही सही वह अच्छे बुरे की पहचान करेंगे। सीताराम आदिवासी इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं कि सहरिया आदिवासियों में से चुनाव लड़ने वाले शायद वह पहले प्रत्याशी हैं जो किसी राष्ट्रीय पार्टी के टिकट पर चुनावन लड़ रहे हैं।

बुधवार, 22 अक्टूबर 2008

जगन का करौली में डेरा

तीन राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना दस्यु जगन गुर्जर ने इन दिनों राजस्थान के करौली जिले में डेरा डाल रखा है। बीहड़ सूत्रों के मुताबिक जगन ने अपना ठिकाना महावीर जी थाना क्षेत्र के तहत आने वाले कैमरी और खीमा का पुरा में बना लिया है। यहीं पर एक ग्रामीण की जीप से वह आवाजाही कर रहा है। पुलिस से छिपकर वह अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है। इसके लिए वह हथियार और कारतूस खरीदने की फिराक में है। उसने अपने गिरोह को तीन हिस्सों में बांट रखा है। वह स्वयं दस्यु सुंदरी कौमेश के साथ है। दूसरे हिस्से की कमान उसके भाई पप्पू और पान सिंह के हाथ में है।

धौलपुर में दो दस्यु ढेर

धौलपुर पुलिस ने सरमथुरा इलाके में बुधवार सुबह हुई मुठभेड़ में दो इनामी दस्यु मुन्ना कंजर और बनियाराम मीणा को मार गिराया। भाग निकले दस्यु नारायन और निहाला की तलाश जारी है। मारे गए दस्यु खान इलाके में हत्या, चौथ वसूली और पुलिस पर हमला करने के आरोप में वांछित थे। उनके ऊपर दो-दो हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से एक 306 बोर और एक 315 बोर की रायफल और करीब डेढ़ सौ कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की माने तो मारे गए दस्यु खैमरी गांव में अपने लिए हथियार और कारतूस खरीदने आए थे।